Bihar And Orissa Public Demand Recovery Act 1914 Pdf In Hindi
4. वसूली की प्रक्रिया (Procedure of Recovery)
2. इंडिया कोड (India Code) पोर्टल
बकायेदार को नोटिस के जवाब में आपत्ति दर्ज करने का अवसर मिलता है।
4. बिहार और उड़ीसा सार्वजनिक मांग वसूली अधिनियम 1914 PDF हिंदी में (Download Link)
अधिनियम की धारा 3 के तहत, 'लोक मांग' (Public Demand) में शामिल हैं:
प्रमाणपत्र दाखिल होने के बाद देनदार को धारा 7 के तहत नोटिस दिया जाता है。 देनदार नोटिस मिलने के 30 दिनों के भीतर अपनी देनदारी के खिलाफ आपत्ति दर्ज कर सकता है。
जब अधिकारी संतुष्ट हो जाता है कि राशि बकाया है, तो वह एक प्रमाणपत्र (Certificate) जारी करता है। इसके बाद देनदार को धारा 7 के तहत एक नोटिस भेजा जाता है, जो वसूली की कार्यवाही की शुरुआत होती है।
(Bihar and Orissa Public Demand Recovery Act, 1914) एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कानून है । यह कानून बिहार और उड़ीसा राज्यों में सरकारी बकाये, करों, और अन्य सार्वजनिक ऋणों (Public Demands) की वसूली की प्रक्रिया को विनियमित करता है। यदि आप इस अधिनियम के विस्तृत प्रावधानों, इसके महत्व और इसके PDF (Hindi) संस्करण को खोजने के तरीकों के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद मददगार साबित होगा।
यदि आपत्ति खारिज हो जाती है, तो सर्टिफिकेट को अंतिम मान लिया जाता है और वसूली की कार्रवाई शुरू होती है। वसूली के तरीके (Modes of Recovery)
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