Debate ((hot)) Full In Hindi — Dr Zakir Naik Vs Sri Sri Ravi Shankar
उन्होंने वेदों (यजुर्वेद, अथर्ववेद) और उपनिषदों से उद्धरण देकर यह साबित करने की कोशिश की कि ईश्वर 'एक' है, निराकार है, और उसकी कोई प्रतिमा (मूर्ति) नहीं हो सकती।
श्री श्री रवि शंकर ने पारंपरिक बहस के मुकाबले आध्यात्मिक सद्भाव और प्रेम को अपना हथियार बनाया। dr zakir naik vs sri sri ravi shankar debate full in hindi
डिबेट के बाद जनता की प्रतिक्रिया मिश्रित थी और आज भी इस पर चर्चा होती है: एक मंच पर आते हैं
यह ऐतिहासिक आयोजन 21 जनवरी 2006 को बेंगलुरु, भारत में हुआ था। डॉ. जाकिर नाइक (Dr.
को बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड्स में एक ऐसी बहस हुई जिसने दुनिया भर के करोड़ों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. जाकिर नाइक और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर के बीच यह ऐतिहासिक संवाद आयोजित किया गया था। इस बहस का मुख्य विषय था: "पवित्र ग्रंथों के आलोक में हिंदू धर्म और इस्लाम में ईश्वर की अवधारणा" (The Concept of God in Hinduism and Islam in the Light of Sacred Scriptures) ।
The debate has been viewed through very different lenses by the followers of both figures:
भारत के आध्यात्मिक और धार्मिक परिदृश्य में, तुलनात्मक धर्म (Comparative Religion) पर चर्चा हमेशा से उत्सुकता का विषय रही है। जब दो दिग्गज, डॉ. जाकिर नाइक (Dr. Zakir Naik) - एक इस्लामिक उपदेशक (Islamic Preacher) और श्री श्री रवि शंकर (Sri Sri Ravi Shankar) - एक आध्यात्मिक गुरु, एक मंच पर आते हैं, तो यह केवल एक बहस (Debate) नहीं, बल्कि दो विचारधाराओं का समागम बन जाता है।